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महात्मा गांधी सेतु के अप-स्ट्रीम लेन के लोकार्पण से आवागमन होगा आसान : डॉ प्रेम कुमार

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महात्मा गांधी सेतु के अप-स्ट्रीम लेन के लोकार्पण से आवागमन होगा आसान : डॉ प्रेम कुमार

पटना, 31 जुलाई। बिहार सरकार में कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने एनडीए सरकार में बनाए गए सड़कों की व्याख्या करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार का कोना-कोना इन 15 वर्षों में नए सड़कों से जोड़ा है। एक वह समय था जब बिहार के किसी एक कोने से पटना शहर पहुंचने में दिनभर का समय लग जाता था जबकि आज वह 5-6 घंटों में ही संभव है। लालूजी के राज में पगडंडियों और सड़कों में कोई अंतर नहीं नज़र आता था दोनों एक जैसे ही जर्ज़र थे। हमारी सरकार ने गाँव-गाँव को सड़कों से जोड़ा है।

कृषि मंत्री ने कहा, “आज महात्मा गांधी सेतु के अप-स्ट्रीम लेन के सुपर-स्ट्रक्चर के प्रतिस्थापन का लोकार्पण हुआ। मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अब उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार जाने वालों के लिए आवागमन बहुत ही आसान हो जाएगा। इस पुल के बनने की ख़ुशी वह जनता अच्छी तरह जानती है जिसने ना जाने कितने घंटों के जाम को झेला है। 1743 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पुल की लम्बाई 5575 मीटर है। बरसात के बाद पूर्वी दो लेन के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। इसके अलावा भी इन 15 वर्षों में एनडीए सरकार ने अनगिनत सड़कों का निर्माण करवाया है। हमारी ही सरकार ने शेखपुरा से जगदेव पथ तक सूबे के सबसे बड़े फ्लाईओवर का निर्माण करवाया जिसकी कुल लंबाई 2350 मीटर (2.7 किलोमीटर) है। 321.39 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस पुल ने आवागमन काफी आसान बना दिया। दूसरी ओर बिहार के गोपालगंज जिले में 263 कराेड़ की लागत से सत्‍तरघाट पुल का निर्माण हमारी सरकार ने करवाया था। इस पुल ने बिहार और नेपाल की दूरी को कम कर दिया है। कुछ दिनों पहले तेजस्वी जी इस पुल के ढ़हने की भ्रामक खबर तेजी से फैला रहें थे लेकिन वह उसमे असफल रहें।”

डॉ कुमार ने कहा, “हम सिर्फ योजनाओं का शिलान्यास नहीं करते बल्कि
ससमय पूरा भी करते हैं। हम सिर्फ सड़क का निर्माण नहीं करते, बल्कि उसका मेंटनेंस का भी निरंतर ख्याल रखते हैं ।

कृषि मंत्री ने कहा, “गांधी सेतु के जीर्णोद्धार का कार्य तीन साल पहले हुआ था। इसे हावड़ा ब्रिज की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। 2005 तक बिहार में पुलों की संख्या बहुत कम थी लेकिन आज यहाँ पुल-पुलिया तथा सड़कों का जाल बिछा हुआ है। लालू राज ने जितना परिवहन के क्षेत्र में बिहार को लाचार बना दिया था हमारी सरकार ने इसे उतना ही विकसित किया है।”

कारगिल विजय दिवस, सिर्फ जीत नहीं बल्कि साहस और पराक्रम का प्रतीक : डॉ प्रेम कुमार

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कारगिल विजय दिवस, सिर्फ जीत नहीं बल्कि साहस और पराक्रम का प्रतीक : डॉ प्रेम कुमार

पटना, 26 जुलाई। बिहार सरकार में कृषि एवं पशुपालन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने राज्य वासियों को कारगिल दिवस पर वीर सेनानियों की याद दिलाते हुए कहा, “आज का दिन इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है जब हमारे जवानों ने अपनी बहादुरी और पराक्रम से कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी, इसलिए इसे कारगिल विजय दिवस कहा जाता है। हमारा देश भारत वह देव भूमि है जहाँ राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया नहीं जाता बल्कि यह हर हृदय में स्वयं वास करता है। जहाँ हर एक युवा देश पर मर मिटने को तैयार है। जहाँ भले हमें जाति और धर्म अलग करते हैं पर देश के नाम पर सब एक हैं।”

कृषि मंत्री ने कहा, “या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा या विजयश्री प्राप्त कर धरती पर सम्मान पायेगा” इस गीता के श्लोक से प्रेरणा ले आज से 21 साल पहले यानी 26 जुलाई 1999 को हमारे वीर जवानों ने कारगिल को घुसपैठियों से मुक्त करवाया तथा विजय तिरंगा कारगिल पर फहराया। उस युद्ध में 527 से अधिक वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, उन सभी को कोटि-कोटि नमन।”

कारगिल विजय दिवस को पाकिस्तान के विश्वासघात का परिणाम बताते हुए उन्होंने चीन पर भी हमला बोला। डॉ कुमार ने कहा, “कुछ दिनों पहले ही चीन ने अवसर देखते हुए हमारे देश के कुछ हिस्सों में घुसपैठ की कोशिश की थी लेकिन हमने ना सिर्फ उनको सरहद पर हराया बल्कि उनके 59 एप को बैन कर यह भी साबित कर दिया कि अब आर्थिक स्तर पर भी उनको घेरा जाएगा, कि हमारी सरकार मजबूत निर्णय लेने वाली सरकार है। आगे भी अगर वह इस तरह का प्रयास करेंगे तो उन्हें हमारी तरफ से मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।”

कृषि मंत्री ने कहा, “आज मन की बात में माननीय प्रधानमंत्री जी ने एक तरफ बिहार को लेकर गर्व जताया, उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत के पहले कदम में बिहार की महिलाओं का भी भरपूर साथ है। मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क बना यह औरतें अपनी परंपरा की पहचान तो बना ही रही हैं, साथ ही साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही हैं।”

कृषि मंत्री ने कहा, “दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने बिहार में बाढ़ की आपदा को लेकर संवेदनाएं प्रकट की, उन्होंने सम्बोधन में कहा कि बिहार, असम जैसे राज्यों के कई क्षेत्रों में तो बाढ़ ने काफ़ी मुश्किलें पैदा की हुई हैं यानी एक तरफ कोरोना है तो दूसरी तरफ़ ये एक और चुनौती है। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ इस समय पूरा देश खड़ा है।”

प्रेम कुमार ने कहा कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता इस वक़्त बाढ़ पीड़ितों के आंसू पोंछने में लगा है, जबकि विरोधी दल झूठ की खेती कर रहे हैं।

पप्पू यादव ने मुजफ्फरपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा*

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*पप्पू यादव ने मुजफ्फरपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा*


मुजफ्फरपुर, 26 जुलाई: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बद से बदत्तर होती जा रही है। जन अधिकारी पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव पिछले कई दिनों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को वे मुजफ्फरपुर पहुंचे।

पप्पू यादव मुजफ्फरपुर में बाढ़ से प्रभावित गांवों में गए तथा वहां लोगों से बात और उनकी परेशानियां सुनी। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों की आर्थिक मदद भी की।

जाप अध्यक्ष ने कहा कि पूरे मुजफ्फरपुर का हाल बेहाल हो चुका है। लोगों के चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी हैं। ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी इन तक सरकारी सहायता नहीं पहुंच रही। सुशासन का दम भरने वाले मुख्यमंत्री महोदय बंगले में कैद है। उन्हें राज्य की जनता की कोई फिक्र नहीं है।

आगे उन्होंने कहा कि हर साल उत्तर बिहार डूब जाता है। कई लोग अपनी गवां देते हैं और करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो जाती है। किसान की मेहनत बाढ़ के पानी में बह जाती है। नीतीश कुमार ने पिछले 15 वर्षों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है जिससे कि आम जनता को राहत मिल सके।

कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मैं बिहार सरकार से अपील करता हूं कि जांच की संख्या बढ़ाई जाए। अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की कमी है। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए सरकार को मॉड्यूलर अस्पताल की व्यवस्था करनी चाहिए।

युनिसेफ़ बिहार और एमिटी यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में 70 से अधिक संचार विशेषज्ञ, प्रोफेसर, शोधार्थी और युवाओं ने रखे अपने विचार*

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*युनिसेफ़ बिहार और एमिटी यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में 70 से अधिक संचार विशेषज्ञ, प्रोफेसर, शोधार्थी और युवाओं ने रखे अपने विचार*


पटना 26 जुलाई 2020 आत्मनिर्भरता को सही अर्थों में समझने की ज़रूरत है. मीडियाकर्मियों द्वारा आम जनमानस के लिए इसकी सही व्याख्या नितांत आवश्यक है ताकि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को गति मिले.” द हिन्दू बिज़नेस लाइन के वरिष्ठ उपसंपादक श्री शिशिर सिन्हा ने युनिसेफ़ के सहयोग से एमिटी स्कूल ऑफ़ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी, पटना द्वारा ‘बिल्डिंग ए सेल्फ़-रिलायंट इंडिया- रोल ऑफ़ मीडिया (अवेयरनेस, ट्रेंड्स, चैलेंजेज एंड प्रॉस्पेक्टस)’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में उक्त बातें कहीं. 24-25 जुलाई को आयोजित इस वेबिनार में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों, मीडिया जगत की जानीमानी हस्तियों समेत 3 दर्ज़न से ज़्यादा शिक्षकों, शोधार्थियों और युवा विद्यार्थियों ने शिरकत की. देश-विदेश के 197 कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों से कुल 1850 लोगों ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण किया था. शोधार्थियों व प्राध्यापकों से सज्जित सीनियर श्रेणी के लिए जहां लगभग 120 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं थीं, वहीं 14-21 साल की श्रेणी में 60 स्कूलों एवं कॉलेजों से कुल 73 बच्चों-युवाओं ने अपने पेपर भेजे थे.
विभिन्न थीम पर आधारित तकनीकी सत्र
4 तकनीकी सत्रों में विभाजित इस ऑनलाइन सम्मलेन में ‘मीडिया, समाज और विकास’, ‘वर्तमान समय में न्यू मीडिया के विभिन्न आयाम’, ‘एडवोकेसी व जागरूकता को लेकर मीडिया और जन संचार की भूमिका सह चुनौतियाँ’ जैसे थीम पर अलग-अलग पेपर प्रस्तुत किए गए. कोविड महामारी की वजह से जारी लॉक डाउन ने मीडिया को किस प्रकार प्रभावित किया है और इस चुनौतीपूर्ण आपातस्थिति में मीडिया द्वारा आमजन तक सूचनाएं कैसे पहुंचाई जा रही हैं, इन विषयों को लेकर भी व्यापक चर्चा-परिचर्चा हुई. इस वेबिनार की ख़ास पेशकश रही 14-21 साल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी जिसे अमली जामा पहुँचाने में युनिसेफ़ ने अहम योगदान दिया. दूसरे दिन आयोजित चौथा तकनीकी सत्र इन बच्चों व युवाओं के नाम रहा जिसमें इन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में न्यू मीडिया की भूमिका, वोकल फ़ॉर लोकल, प्रेस की स्वतंत्रता, पब्लिक मीडिया की ज़रूरत जैसे ज्वलंत मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे. पटना के डॉन बॉस्को स्कूल के 10वीं कक्षा के छात्र स्नेहल कुमार ने सबसे युवा प्रतिभागी के तौर पर इस कार्यक्रम में भाग लिया.
एमिटी परिवारगण व गणमान्य अतिथियों का संबोधन
आयोजन समिति की कोऑर्डिनेटर सह एमिटी स्कूल ऑफ़ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी पटना की प्रोफ़ेसर श्वेता प्रिया ने अपने स्वागत संबोधन में देश-विदेश से भाग ले रहे सभी एक्सपर्ट्स और प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के रूपरेखा पर प्रकाश डाला. एमिटी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर टी. आर. वेकटेश ने अपने उद्घाटन भाषण में सभी प्रतिभागियों से इस कार्यक्रम का भरपूर लाभ लेने व इसे सफल बनाने का आह्वान किया. तत्पश्चात, एमिटी यूनिवर्सिटी, पटना कैंपस के चांसलर यू. रामचंद्रन ने अपने संबोधन में इस वेबिनार के विभिन्न पक्षों पर संक्षिप्त चर्चा की और आयोजन के अपेक्षित फलाफल की उम्मीद जताई. एमिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अतुल चौहान ने मौजूदा दौर में इस तरह के आयोजन की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि इस तरह की चर्चा-परिचर्चा से हमें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु एक दिशा मिलेगी. डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन, कैलिफ़ोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने अपने मुख्य भाषण में प्रभावी एवं सफल संवाद के लिए सांस्कृतिक समझ के महत्व पर ज़ोर देते हुए रचनात्मक प्रस्तुति को माध्यम बनाने की वकालत की. उन्होंने बिहार की एक 9 वर्षीया लड़की चांदनी का उदहारण देते हुए कहा कि लड़कियों की शिक्षा को लेकर कैसे उसने अपने लोक गीत की प्रस्तुति से आम लोगों को जागरूक करने का काम किया. वहीं डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन, सेंट्रल मिशिगन यूनिवर्सिटी, अमेरिका के प्रोफ़ेसर माइकल जे. पापा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सोशल मीडिया का बख़ूबी इस्तेमाल कर लड़कियां-महिलाएं सामाजिक बदलाव सुनिश्चित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं.
युनिसेफ़ इंडिया की कम्युनिकेशन, एडवोकेसी एंड पार्टनरशिप चीफ़ ज़ाफरीन चौधरी ने अपने संबोधन में कोविड महामारी के इस मुश्किल दौर को एक अवसर के रूप में देखने की वकालत करते हुए कहा कि मीडिया ने कोरोना काल में बेहद प्रशंसनीय काम किया है. बच्चों, किशोर-किशोरियों व युवाओं के हितों की रक्षा एवं उनके सशक्तिकरण के लिए युनिसेफ़ मीडिया और अकादमिक जगत के साथ मिलकर काम करने को कृतसंकल्पित है. युनिसेफ़ बिहार की कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट निपुण गुप्ता ने कहा कि बच्चों और किशोर-किशोरियों की राय काफ़ी अहमियत रखती है और इस आयोजन के माध्यम से हम सबको उन्हें सुनने-समझने का मौक़ा मिलेगा.
सफल प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत
बेहतरीन पेपर और प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों को दो अलग-अलग श्रेणियों (सीनियर व जूनियर) में पुरस्कृत किया गया. पहली कैटेगरी में एकता सिन्हा, राखी गौरवम और डॉ. जे. एम. बदियानी को क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त हुआ. वहीं जूनियर कैटेगरी में तिशीनीत कौर, शशांक शेखर और साक्षी दीप को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ. युनिसेफ़ बिहार चीफ़ असद्दुर रहमान ने सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया. समापन सत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी, पटना के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. विवेकानंद पांडे ने अपने विचार रखे अंत में, प्रोफ़ेसर श्वेता प्रिया ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी एक्सपर्ट्स और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन दिया.

पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे राहत कैंप की व्यवस्था*

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*पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे राहत कैंप की व्यवस्था*

बेतिया, 25 जुलाई: जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि हम हर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कैंप खोलेंगे और लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराएंगे। उक्त बातें उन्होंने बेतिया का दौरा करने के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कही।

बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरा उत्तर बिहार बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। लेकिन लोगों को कोई सरकारी सहायता नहीं मिल रही है। हमने पूर्व में भी देखा है कि जब भी संकट आया है सुशासन कैद रहा है। और अब भी यही हो रहा है। चार महीने के लॉकडाउन ने पहले ही मध्यम और निम्न वर्ग की कमर तोड़ दी है और अब बाढ़ से स्थिति और भी ख़राब हो गई है। मैं सरकार द्वारा एक विशेष पैकेज की घोषणा की मांग करता हूं।

जाप अध्यक्ष ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक और सांसद गायब है। इन्हें बाढ़ वाले क्षेत्रों में जाकर देखना चाहिए कि गरीब आम जनता किन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं। सिंचाई विभाग के मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए तथा इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में पीआईएल दायर कर एफआईआर दर्ज करेंगे।

आगे उन्होंने कहा कि बांध में जरूरी प्लेट लगाए नहीं जाते हैं। सारे पैसे लूट लिए जाते हैं और जब बाढ़ आती है तो नेपाल पर दोषारोपण किया जाता है। बाढ़ का ही फायदा उठाते हुए सड़क योजनाओं में धांधली होती है। सड़कें बनती नहीं है और बाद में कह दिया जाता है सड़क बाढ़ में टूट गई। इन सबकी जांच होनी चाहिए।

कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पहले जो सरकार डींगें हांक रही थी वह आज बेबस दिख रही है। राज्य में 1,000 से भी कम वेंटिलेटर है और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है।

सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव, प्रदीप और पराग के साथ मिलकर बनाएंगे फिल्‍म ‘लिट्टी चोखा’

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सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव, प्रदीप और पराग के साथ मिलकर बनाएंगे फिल्‍म ‘लिट्टी चोखा’

पटना ‘लिट्टी चोखा’ आज उत्तर भारत के लोगों की पहचान बन चुकी है, जिसको लेकर अब बाबा मोशन पिक्चर्स प्रा लिमिटेड के प्रदीप के शर्मा फिल्‍म बनाने जा रहे हैं। इस‍ फिल्‍म का टायटल ही ‘लिट्टी चोखा’ है। इसमें लीड रोल में सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव नजर आने वाले हैं और फिल्‍म के निर्देशक पराग पाटिल होंगे। भोजपुरी की दो बड़ी सार्थक फिल्‍में डमरू और राज तिलक के बाद प्रदीप के शर्मा ‘लिट्टी चोखा’ बना रहे हैं।

इसको लेकर उन्‍होंने बताया कि यह फिल्‍म हर – हर मोदी, घर – घर मोदी के तर्ज पर है – ‘हर – हर लिट्टी चोखा, घर – घर लिट्टी चोखा’। ‘लिट्टी चोखा’ उत्तर भारत और बिहार की अस्मिता है। यह शब्‍द उस माटी से जुड़ा है, जहां हर घर में लिट्टी चोखा है। अगर बिहारी के जीवन में लिट्टी चोखा नहीं है, तो उसका जीवन अधूरा होगा। यूपी बिहार का ऐसा कोई लोग नहीं होगा, जिसने इसका स्‍वाद नहीं लिया है। यह किसान से जुड़ा हुआ है। यह हमारे इतिहास के जड़ों में है। कहीं से हमने इसे माइग्रेट कर नहीं लाया है। इस कांसेप्‍ट को दिखाना है। इसका लुक भी हिंदुस्‍तान के नक्‍शे में दिखाया जा रहा है। सामाजिक पिक्‍चर है। यह कर्ज मुक्ति की कहानी है, जो दुनिया भर से कर्ज को लेकर पीडि़त है। लिट्टी अभिनेत्री है और चोखा अभिनेता है। फिल्‍म के पोस्‍टर में भी हमने लिखा है – जब तक रही सूरजवा के बेटिया, तब तक रही लिट्टी – चोखा।

उन्‍होंने बताया कि फिल्‍म की कहानी राकेश त्रिपाठी ने लिखी है। संगीतकार मधुकर आनंद,पी आर ओ रंजन सिन्हा हैं। फिल्‍म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के खूबसूरत लोकेशन पर होगी। हालांकि अभी तक फिल्‍म की अभिनेत्री का चयन नहीं हुआ है, लेकिन फिल्‍म को लेकर खेसारीलाल यादव, प्रदीप के शर्मा और पराग पाटिल काफी उत्‍साहित हैं।

सनोवर खान पटना

नदी में गिर जाने से किशोर चरवाहा की मौत हो गई।

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नदी में गिर जाने से किशोर चरवाहा की मौत हो गई।

रिपोर्ट:अंजुम शहाब

मुजफ्फरपुर। बिहार। जिले के सकरा थाना क्षेत्र के डीह गौडिहार तकिया चौक के समीप नुन नदी के किनारे मवेशी चराने के दौरान पैर फिसल जाने से नदी में गिर जाने से किशोर चरवाहा की मौत हो गई। वरियार पुर पुलिस शव को कब्जे में ले के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए एस के एम सीएच मुजफ्फरपुर भेज दिया है। बताया जाता है कि सकरा थाना क्षेत्र के डीह गौडिहार निवासी शिव दयाल भगत का 16 वर्षीय पुत्र कपिल भगत नून नदी के किनारे मवेशी चराने गया था। जहां मवेशी चराने के दौरान पैर फिसल जाने से नदी में गिर जाने से चरवाहे की मौत हो गई।

खतरों के बीच डॉ दास पूर्णता से संभाल रहे जिले में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी

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खतरों के बीच डॉ दास पूर्णता से संभाल रहे जिले में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी

रिपोर्ट:नसीम रब्बानी

जिले में नियमित करायी सामान्य स्वास्थ्य सुविधाएं -केयर के डीटीएल सौरभ तीवारी ने शुरुआत से ही दिया तकनीकी पक्ष से सहयोग

मुजफ्फरपुर। 9 जुलाई :

कोरोना संक्रमण से सभी हताहत हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य पदाधिकारी भी इस संक्रमण की जद में धीरे-धीरे शामिल होते जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल शहर का भी है। जिला स्वास्थ्य समिति के सिविल सर्जन सहित करीब आधा दर्जन डॉक्टर और पदाधिकारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करना एक चुनौती भरा काम है। स्वास्थ्य विभाग के इस विपत्ति काल में सदर अस्पताल में विशेषज्ञ के रुप में कार्यरत डॉ सीके दास ने कमान संभाली है। उनकी कोशिश है कि आम नागरिकों को आम दिनों की तरह ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिले। इसके लिए वह सतत् प्रयासरत भी हैं।

सैंपलिंग से लेकर कोविड केयर तक जिम्मेवारी:

यह सच है कि कोरोना संक्रमितों के बीच जाकर लोगों की सैंपलिंग करना आसान नहीं है। वहीं उससे भी चुनौतिपूर्ण काम है कोविड केयर सेंटर की सतत निगरानी और वहां भर्ती मरीजों की देखभाल करना। इन सभी कार्यों को पूरे ही मनोयोग से डॉ दास पूरा कर रहे हैं। वहीं इस काम में कोविड के शुरुआती दौर से ही साथ दे रहे हैं केयर जिला संसाधन ईकाई के डीटीएल सौरभ तीवारी। इन दोनों के सहयोग और सुपरविजन में ही जिले में कोरोना के मामलों को हैंडल किया जा रहा है। जिसमें उचित पोषण और देखभाल के बदौलत ही मरीज बिना किसी परेशानी के यहां से ठीक होकर भी जा रहे हैं। वहीं आंकड़ों के संरक्षण का काम जयशंकर प्रसाद के द्वारा किया जाता है, जिससे लोगों तक जिले के सही आंकड़ें पहुँच पाती है। वह इस आंकड़े को बिहार और भारत सरकार को भी भेजते हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर कोई असर नहीं:

डॉ चंद्रजीत दास कहते हैं उनके पास कोविड-19 की जिम्मेदारी तो थी ही साथ में पदाधिकारियों के आइसोलेशन के बाद सामान्य स्वास्थ्य की सुविधाओं को लागू रखना बड़ी चुनौती थी। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक बल देना बहुत जरुरी होता है। उन्होंने बताया उन्होंने उनके साथ काम किया ताकि उनकी हिचक टूटे। वह हर वैसी जगह गए, जहां खतरे ज्यादा थे, पर कुछ सावधानियों को ध्यान में रखा जाय तो उन खतरों से बचा जा सकता है। वह दिन में अभी करीब 15 से 16 घंटे कार्य कर रहे हैं। वह स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भी जाते हैं ताकि उनका मनोबल बना रहे। उन्होंने जेनरल ओपीडी, प्रसव, टीकाकरण, पैथेलॉजी सभी को चालू रखा। वह कहते हैं, इसके साथ उन्होंने एहतियात के तौर पर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अपील किया ताकि वे यहां से ईलाज करा कर जाएं। बीमारी लेकर नहीं।

मुज़फ़्फ़रपुर में 9 जुलाई से 12 जुलाई तक अतिवृष्टि होने की संभावना है,सभी विभाग अलर्ट मोड़ पर रहेंगे

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मुज़फ़्फ़रपुर में 9 जुलाई से 12 जुलाई तक अतिवृष्टि होने की संभावना है,सभी विभाग अलर्ट मोड़ पर रहेंगे

रिपोर्ट:अंजुम शहाब

मुज़फ़्फ़रपुर।बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग, जल संसाधन विभाग एवं मौसम विभाग ने मुजफ्फरपुर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में 9 जुलाई 2020 से 12 जुलाई 2020 तक अतिवृष्टि होने की संभावना है ।इस संबंध में आज आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्रों में भीषण जलजमाव तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से आमजन एवं शहरी लोगों को कठिनाइयों का सामना करने से इनकार नहीं किया जा सकता है ।इस बाबत जिलाधिकारी चन्द्रशेखर सिंह ने सभी विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं एवं अलर्ट मोड में रहने का निर्देश भी दिया गया है।साथ ही इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक जयकांत को भी पत्र भेज कर अलर्ट मोड़ पुलिस को रहने का निर्देश दिया गया है।

वैशाली जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह द्वारा समाहरणालय सभागार में अनुसंडल अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन।

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वैशाली जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह द्वारा समाहरणालय सभागार में अनुसंडल अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन।

रिपोर्ट : नसीम रब्बानी

बिहार :-वैशाली जिला पदाधिकारी ,श्रीमती उदिता सिंह द्वारा समाहरणालय सभागार में अनुसंडल अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की शुरूआत जल – जीवन – हरियाली योजना की प्रगति की समीक्षा से की गयी।पोखरों के अतिक्रमण से संबंधित जानकारी प्राप्त की गयी। बिदुपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि दो पोखरों का अतिक्रमणमुक्त होना अभी शेष है।जिला पदाधिकारी द्वारा जल्द से जल्द शेष बचे पोखरों का थाने के साथ समन्वय कर अतिक्रमण मुक्त कराने का निदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा अभियान बसेरा योजना के तहत जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने निदेश दिया कि सरकारी जमीन हो तो ठीक है अन्यथा क्रय कर जमीन उपलब्ध करायें । क्रय हेतु जमीन चिन्हित करने का भी निदेश दिया गया । निदेशक , डी 0 आर 0 डी 0 ए 0 से वृक्षारोपण की अद्यतन स्थिति पर समीक्षा की गयी। हाजीपुर अनुमंडल में 01 लाख 78 हजार 8 सौ वृक्षारोपण का लक्ष्य है। उद्यान विभाग के पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि दो लाख चालीस हजार फलदार पेड़ वृक्षारोपण हेतु जीविका को दिये जायेगें , वृक्ष लगाने एवं उसकी उत्तरजीविता का दायित्व जीविका द्वारा ही सुनिश्चित किया जाना है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि नल जल योजना के तहत शेष बचे कार्य सभी प्रखंड 15 जुलाई तक पुरा करना सुनिश्चित करें। लालगंज , बिदुपुर प्रखड़ों की स्थिति ठीक नहीं रहने पर वरीय प्रभारियों को शीघ्र पुरा कराने का निदेश दिया गया। आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड वितरण पर समीक्षा की गयी। आपूर्ति प्रशाखा के अनुसार प्रथम चरण का वितरण पूरे जिले में पूर्ण रूप से कर दिया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा वैशाली प्रखंड में आत्मनिर्भर भारत योजना की प्रगति ठीक नही होने का कारण पूछा गया। हाजीपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से राशन कार्ड की आर 0 टी 0 पी 0 एस 0 इन्ट्री की स्थिति ठीक नही रहने पर शीघ्र पूरा करने का निदेश दिया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र निर्माण हेतु सभी अंचलाधिकारी से जमीन उपलब्धता पर समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना पर प्रखंडवार समीक्षा की गयी । सभी प्रखंडों द्वारा इस योजना के तहत गाड़ियों को वितरित करने की समयसीमा दी गयी। जिला पदाधिकारी द्वारा आवास योजना की प्रखंडवार समीक्षा की गयी। लालगंज , हाजीपुर , राघोपुर एवं अन्य प्रखंडों की स्थिति ठीक नहीं रहने पर 15 जुलाई तक इसे पुरा करने का निर्देश दिया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी को अविलंब इन्ट्री पूर्ण कराना सुनिश्चित करने अन्यथा दोषी लोगों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निदेश दिया गया। अन्त्योदय योजना एवं वास स्थल क्रय योजना की भी समीक्षा की गयी। लालगंज , भगवानपुर अंचलाधिकारी को जमीन का दाखिल खारिज का 90 प्रतिशत लक्ष्य अगले दस दिनों के अन्दर पुरा नहीं करने पर प्रपत्र ” क ” भरने का निदेश दिया गया। भूमि सुधार उप समाहर्ता हाजीपुर को भी निदेश दिया कि वे अंचलों के -लगान की स्थिति पर ध्यान रखें तथा लगातार निगरानी करते रहें । सभी वरीय प्रभारियों द्वारा अपने – अपने प्रखंडों के निरीक्षणोपरांत योजनाओं की समीक्षा की स्थिति जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा गया। सभी वरीय पदाधिकारियों द्वारा जल जीवन हरियाली योजना , नल जल योजना , मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना , आपदा , सड़क , भू – लगान , दाखिल खारिज एवं अन्य विषयों पर अपने – अपने प्रखंडों की अद्यतन स्थिति से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया गया। वरीय प्रभारी द्वारा बताया गया कि राघोपुर प्रखंड में मनरेगा प्रोग्राम पदाधिकारी का कार्यालय बंद था जिस पर जिला पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।वरीय पदाधिकारी द्वारा बिदुपुर में तालाबों के अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकने की जानकारी दी गयी। भगवानपुर प्रखंड के वरीय प्रभारी द्वारा मनरेगा प्रोग्राम पदाधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने की जानकारी देने पर जिला पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई करने एवं वेतन बंद करने का निदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा प्रखंड मुख्यालय में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी / अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य में कोविड -19 संक्रमण में तेजी के मद्देनजर सभी प्रखंड मुख्यालय में सभी दुकानों में कर्मियों एवं ग्राहकों को मास्क पहनना सुनिश्चित करायें और उल्लंघन करने वाले दुकानों को सील करें। इस संबंध में आमजनों में जागरूकता लाने हेतु सार्वजनिक वितरण प्रणाली केन्द्रों , सरकारी कार्यालयों , बाजारों , चौक – चौराहों आदि पर पोस्टर लगाने का निदेश दिया। एल ० डी ० एम को निदेश दिया गया कि सभी बैंकों में पोस्टर लगवाये की ” बिना मास्क प्रवेश वर्जित है ” जिला पदाधिकारी द्वारा सभी वरीय प्रभारियों / प्रखंड विकास पदाधिकारी / अंचलाधिकारी / बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को मास्क जाँचने एवं मास्क का उपयोग नहीं करने वालो का चालान काटने हेतु अधिकृत किया गया तथा उन्हें निदेश दिया गया कि वे जब भी प्रखंड में जाये तो वे मास्क पहनने का अनुपालन देखें तथा उल्लंघन करने वालों पर दण्डात्मक कार्रवाई करें। उक्त बैठक में अपर समाहर्ता श्री जितेन्द्र कुमार साह , अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर , सभी वरीय पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।