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बिहारराज्य

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट- ऐक्टू ) अध्यक्ष शशि यादव व ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार ने नीतीश सरकार पर बोला हमला

By January 10, 2020 No Comments

समझौता के एक वर्ष बाद भी आशा को 1000 रु मासिक भुगतान न तो चालू हुआ और नही सभी पीएचसी को स्वास्थ्य समिति द्वारा अबतक कोई सरकुलर भी नही भेजा गया।

● 25 फरवरी 2020 को मुख्यमंत्री का घेराव व 19 जनवरी को सरकारी खर्चे पर मानव श्रृंखला लगाने के फैसले का बहिष्कार की घोषणा ।

पटना,:बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट- ऐक्टू ) अध्यक्ष शशि यादव व ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार ने नीतीश सरकार पर हमला करते हुए वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है नेताओं ने नीतीश सरकार पर बिहार की नब्बे हजार
आशा कर्मियों की भावनाओं से खिलवाड़ करने व वादाखिलाफी करने का आरोप लगया है।

नेताओं ने कहा कि 1 जून 2019 को बिहार सरकार के कैबिनेट से राज्य के आशाओं को हजार रुपया मासिक पारिश्रमिक 1 अप्रैल 2019 के प्रभाव से देने का फैसले किये जाने के 6 माह बाद भी अब तक लागू नहीं कर सकी है जबकि समझौता बिहार के आशाओं की 34 दिन चली हड़ताल के दौरान 1 वर्ष पूर्व 7 जनवरी 2019 को ही संपन्न हुआ था।

आशा नेत्री शशि यादव व रणविजय कुमार ने कहा कि हद तो यह है कि राज्य के सभी आशा कर्मी व आशा फैसिलिटेटरों को 1000 रु० मासिक पारिश्रमिक देने का बिहार सरकार के कैबिनेट का फैसला 1 जून 2019 को हो जाने के बावजूद भी इस फैसले का सर्कुलर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने पीएचसी को 6 माह गुजर जाने के बाद भी नहीं भेजा है।

जो राज्य की 90 हजार आशाओं के भावनाओं के साथ नीतीश कुमार व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा किया जा रहा खिलवाड़ है,नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अविलम्ब पीएचसी स्तर पर सर्कुलर नहीं भेजा जाता और 1000 रु० मासिक भुगतान चालू नहीं किया गया तो राज्य भर की आशा 25 फरवरी 2020 को मुख्यमंत्री का घेराव करेगी व 19 जनवरी को सरकारी खर्चे पर आयोजित होने वाले मानव श्रृंखला के फैसले का बिहार की आशाएं बहिष्कार करेंगीं ।

आज इस आशय की जानकारी बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ ( गोप गुट-ऐक्टू) की राज्य सचिव पूनम कुमारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।

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