Breaking News

उत्तर प्रेदश:- योगी जी की विकास की राहें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है !
उत्तर प्रेदश:- रंगरलियां मना रहे दो जोड़ो की हुई जमकर पिटाई
देश:- प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक एक ऐतिहासिक कदम है जो गरीबों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है
देश:- स्वच्छ भारत मिशन खुले में शौच से मुक्त भारत के लक्ष्य प्राप्ति की ओर
देश:- मेघालय में पहली ‘स्वदेश दर्शन’ परियोजना का उद्घाटन
देश:- रेल संरक्षा में भारत-जापान सहयोग के लिए रेलमंत्रालय ने चर्चा रिकॉर्ड पर हस्‍ताक्षर किये |
बिहारराज्य

कारगिल विजय दिवस, सिर्फ जीत नहीं बल्कि साहस और पराक्रम का प्रतीक : डॉ प्रेम कुमार

By July 26, 2020 No Comments

कारगिल विजय दिवस, सिर्फ जीत नहीं बल्कि साहस और पराक्रम का प्रतीक : डॉ प्रेम कुमार

पटना, 26 जुलाई। बिहार सरकार में कृषि एवं पशुपालन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने राज्य वासियों को कारगिल दिवस पर वीर सेनानियों की याद दिलाते हुए कहा, “आज का दिन इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है जब हमारे जवानों ने अपनी बहादुरी और पराक्रम से कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की थी, इसलिए इसे कारगिल विजय दिवस कहा जाता है। हमारा देश भारत वह देव भूमि है जहाँ राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया नहीं जाता बल्कि यह हर हृदय में स्वयं वास करता है। जहाँ हर एक युवा देश पर मर मिटने को तैयार है। जहाँ भले हमें जाति और धर्म अलग करते हैं पर देश के नाम पर सब एक हैं।”

कृषि मंत्री ने कहा, “या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा या विजयश्री प्राप्त कर धरती पर सम्मान पायेगा” इस गीता के श्लोक से प्रेरणा ले आज से 21 साल पहले यानी 26 जुलाई 1999 को हमारे वीर जवानों ने कारगिल को घुसपैठियों से मुक्त करवाया तथा विजय तिरंगा कारगिल पर फहराया। उस युद्ध में 527 से अधिक वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, उन सभी को कोटि-कोटि नमन।”

कारगिल विजय दिवस को पाकिस्तान के विश्वासघात का परिणाम बताते हुए उन्होंने चीन पर भी हमला बोला। डॉ कुमार ने कहा, “कुछ दिनों पहले ही चीन ने अवसर देखते हुए हमारे देश के कुछ हिस्सों में घुसपैठ की कोशिश की थी लेकिन हमने ना सिर्फ उनको सरहद पर हराया बल्कि उनके 59 एप को बैन कर यह भी साबित कर दिया कि अब आर्थिक स्तर पर भी उनको घेरा जाएगा, कि हमारी सरकार मजबूत निर्णय लेने वाली सरकार है। आगे भी अगर वह इस तरह का प्रयास करेंगे तो उन्हें हमारी तरफ से मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।”

कृषि मंत्री ने कहा, “आज मन की बात में माननीय प्रधानमंत्री जी ने एक तरफ बिहार को लेकर गर्व जताया, उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत के पहले कदम में बिहार की महिलाओं का भी भरपूर साथ है। मधुबनी पेंटिंग वाले मास्क बना यह औरतें अपनी परंपरा की पहचान तो बना ही रही हैं, साथ ही साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही हैं।”

कृषि मंत्री ने कहा, “दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने बिहार में बाढ़ की आपदा को लेकर संवेदनाएं प्रकट की, उन्होंने सम्बोधन में कहा कि बिहार, असम जैसे राज्यों के कई क्षेत्रों में तो बाढ़ ने काफ़ी मुश्किलें पैदा की हुई हैं यानी एक तरफ कोरोना है तो दूसरी तरफ़ ये एक और चुनौती है। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ इस समय पूरा देश खड़ा है।”

प्रेम कुमार ने कहा कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता इस वक़्त बाढ़ पीड़ितों के आंसू पोंछने में लगा है, जबकि विरोधी दल झूठ की खेती कर रहे हैं।

Leave a Reply