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बिहारराज्य

आशाओं के साथ नाइंसाफी को चुनाव का मुद्दा बनाएंगे-शशि यादव*

By September 22, 2020 No Comments

*मासिक मानदेय और पूर्व के समझौतों के तहत अविलम्ब भुगतान और कोरोना भत्ता को लेकर पीएचसी पर आशाओं का प्रदर्शन*

*आशाओं के साथ नाइंसाफी को चुनाव का मुद्दा बनाएंगे-शशि यादव*

*मांगों को लेकर कल राज्यभर में सिविल सर्जन कार्यालयों पर आशा का होगा प्रदर्शन*

पटना,22 सितंबर 2020.

कोरोना वारियर्स और घर-घर की स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशाओं की उपेक्षा के खिलाफ आज राज्य के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (ऐक्टू-गोप गुट) के आह्वान पर आशाओं ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया.इस प्रदर्शन के माध्यम से आशाओं ने नीतीश-भाजपा सरकार से आशा को 1000 रु प्रति माह मासिक मानदेय की घोषणा,पूर्व के समझौता का क्रियान्वयन,कोरोना भत्ता और पूर्व के बकाया का भुगतान आदि मुख्य मांगों को उठाया।

महासंघ (गोप गुट) व ऐक्टू से सम्बद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर आज से शुरू 2 दिवसीय राज्यव्यपी विरोध दिवस के तहत आज पटना के विभिन्न पीएचसी सहित राज्य के रोहतास,कैमूर,
अरवल,जहानाबाद,नालंदा,
पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण,
समस्तीपुर,खगड़िया,मुज़फ़्फ़रपुर,मधेपुरा,सुपौल,भागलपुर,दरभंगा,मधुबनी,सीतामढ़ी,गोपालगंज,
सिवान मुंगेर आदि जिलों के 200 से ज्यादा पीएचसी पर आशाओं ने जत्थाबन्दी कर अपनी मांगों को रखा व मांगों के पक्ष में नारेबाजी किया।

कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) व ऐक्टू से सम्बद्ध बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर दो दिवसीय आंदोलन की घोषणा के तहत आज राज्य के लगभग पीएचसी पर प्रदर्शन हुआ और कल सभी जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन कर होगा और इस दौरान आशाकर्मी जिला के सिविल सर्जन के माध्यम से नीतीश सरकार को अपनी मांगें रखेगीं।

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (ऐक्टू-गोप गुट) अध्यक्ष शशि यादव ने बताया कि जनवरी 2019 में सरकार ने हड़ताली आशाओं से 1000 रु मासिक मानदेय लागू करने सहित कुल 13 मांगों पर 4 राउंड की चली वार्ता के बाद समझौता किया लेकिन समझौता के लगभग 21 माह बीत जाने के बाद आजतक उस समझौते के तहत भुगतान चालू नहीं किया गया और नही अन्य समझौता पूर्ण तरीके से लागू हुआ। साथ ही कोरोना काल में कई आशाओं की मौत हुई है लेकिन सरकार द्वारा घोषित विशेष कोरोना भत्ता का लाभ आशा के पीड़ित परिजनों को नही मिला है।

उन्होंने नीतीश-मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली-पटना की सरकारें कोरोना वारियर्स और घर घर की स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ नाइंसाफी कर रही हैं। पीएम ने आशाओं को नियमित मासिक मानदेय न देकर जहां विश्वासघात किया है,वहीं नीतीश सरकार कोरोना भत्ता नही देकर नाइंसाफी कर रही है ।उन्होंने कहा है कि आशाएं बदला लो-बदल डालो नारे के तहत नाइंसाफी का बदला लेंगी।हम आशाओं के न्यायपूर्ण सवालों को चुनाव का सवाल बनाएंगे!

आज राज्य भर में हुए आंदोलन का संयोजन व नेतृत्व आशा कार्यकर्ता संघ नेत्री विद्यावती,
कुसुम कुमारी,सबया पांडे,
कविता,सीता पाल,रिंकू,
अनुराधा,अनिता,फैजी,संगीता संगम,सुनैना,उषा सिन्हा,
चन्द्रकला आदि ने किया!

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